Ayodhya Kahan Hai: ‘आराम’ से पहुंचें ‘श्री राम’ की नगरी

Ram Mandir Ayodhya Kahan Hai | Ayodhya Kaise Jaye | Ayodhya Kab Jaye

भगवान श्री राम की नगरी, अयोध्या धाम जाने का कर रहे हैं प्लान, तो यह आर्टिकल आपका सफर बना सकता है आसान और यादगार। इस आर्टिकल में आप जान सकते हैं कि श्री राम मंदिर अयोध्या कहां है (Ram Mandir Ayodhya Kahan Hai)? अयोध्या कैसे और कब जाएं (Ayodhya Kaise और Kab Jaye)?

चलिए सबसे पहले अयोध्या धाम के बारे में जानते हैं।

अयोध्या के बारे में

Ram Mandir Ayodhya Kahan Hai: श्री राम जन्मभूमि अयोध्या नगरी किसी परिचय का मोहताज नहीं।

पवित्र सरयू नदी के पावन तट पर बसा अयोध्या धाम सबसे प्राचीन, धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी है।

इस नगर की चर्चा कई हिंदू धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में मिलती है।

यह पुण्य नगरी भारत के उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में स्थित है।

प्राचीन समय में अयोध्या को ‘साकेत’ के नाम से जाना जाता था।

श्री रामायण काल में यह नगर कोसल राज्य की राजधानी हुआ करती थी।

तब लोग इसे ‘कोसल’ भी कहते थे।

पुराने दस्तावेजों और कई धार्मिक किताबों में इस नगरी का अलग-अलग नाम से जिक्र किया गया है।

ऐसे में अयोध्या के नाम का उल्लेख ‘कोसल’, ‘साकेत’ और ‘अयुद्धा’ के रूप में भी मिलता है।

सभ्य भारत की छठी शताब्दी में ‘साकेत’ प्रमुख एवं पूर्ण शहर के रूप में विकसित था।

समय के साथ बदला गया नाम

Ram Mandir Ayodhya Kahan Hai: बदलते समय के साथ साकेत का नाम और इतिहास दोनों बदल दिया गया।

गुप्त काल के दौरान ‘साकेत’ का नाम बदलकर ‘अयोध्या’ रख दिया गया।

वहीं 1730 में शासक अली वर्दी खान ने ‘फ़ैजाबाद’ की स्थापना की और इसे अपनी राजधानी बनाई।

उसके बाद ‘अयोध्या’ फ़ैजाबाद जिले में शामिल होते हुए ‘जिला मुख्यालय’ बन गया।

इसके बाद कई वर्षों तक यह नगरी ‘फ़ैजाबाद’ जिले के रूप में बुलाया जाता रहा।

बातें जो सब नहीं जानते

Ram Mandir Ayodhya Kahan Hai: यह जानकर आप बेहद हैरान होंगे कि उत्तर प्रदेश के स्थानीय लोगों ने कभी ‘फैज़ाबाद’ नाम स्वीकार नहीं किया।

सरकारी कागजों और अन्य दस्तावेजों में भले ही ‘फ़ैजाबाद’ लिखा जाता था, मगर लोगों के मुंह से हमेशा ‘अयोध्या जी’ कहते सुना गया है।

वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर सहित अन्य कई जिलों के लोगों द्वारा ‘अयोध्या जी’ या ‘अयोध्या धाम’ कहते सुना जा सकता है।

बचपन में जब बच्चों से पूछा जाता कि अयोध्या धाम किस जिले में पड़ता है, तो सब झट से बस यही उत्तर देते कि ‘अयोध्या धाम, अयोध्या में बसा है।

उनके कहने का अर्थ यह था कि अयोध्या धाम अयोध्या जिले में स्थित है।

भगवान श्री राम के भक्त सदियों से बस यही कहते आए हैं-“अयोध्या जी या अयोध्या धाम।”

साल 2018 में विश्वभर के करोड़ों श्री राम भक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने फिर नाम बदल दिया।

यानी एक बार फिर ‘फैज़ाबाद जिला’ ‘अयोध्या जिला’ बन गया।

अब दुनिया भगवान श्री राम की जन्मस्थली और फैज़ाबाद को ‘श्री अयोध्या धाम’ के नाम से जानते हैं।

श्री राम मंदिर अयोध्या कहां है?

Ram Mandir Ayodhya Kahan Hai: वर्तमान समय में भी अयोध्या ही ‘जिला मुख्यालय’ है।

अयोध्या जिले के कुल 2522.0 वर्ग किमी क्षेत्रफल में कुल 2459.88 वर्ग किमी में ग्रामीण जीवन बसा है।

वहीं कुल 62.12 वर्ग किमी क्षेत्रफल में शहरी जीवन निवास करता है।

भगवान श्री राम की पवित्र जन्मस्थली होने की वजह से अयोध्या को ‘मोक्षदायिनी धाम’ माना जाता है।

यूं तो प्रभु श्री राम से जुड़े भारत में कई तीर्थस्थल मौजूद हैं। उन सभी में अयोध्या धाम प्रमुख तीर्थस्थली है।

अयोध्या धाम कैसे जाएं?

Ayodhya Kaise Jaye: भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या बड़े आराम से पहुंचा जा सकता है।

आप फ्लाइट, ट्रेन और रोड के जरिए अयोध्या धाम पहुंच सकते हैं।

चलिए, सबसे पहले फ्लाइट की बात करते हैं।

श्री अयोध्या धाम पहुंचने के लिए सबसे आसान तरीका है अपने शहर से अयोध्या के लिए डायरेक्ट फ्लाइट बुक करें।

आप सीधे अपने शहर से ‘महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अयोध्या धाम (AYJ)’ के लिए फ्लाइट बुक कर सकते हैं।

एवाईजे के प्रथम चरण की शुरुआत कर दी गई है। जिसका उद्घाटन 30 दिसंबर, 2023 को प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया।

बातें काम की

Ayodhya Kaise Jaye: अगर आप किसी अन्य देश में रहते हैं और आपके शहर से अयोध्या के लिए डायरेक्ट फ्लाइट मौजूद नहीं है, तो आप इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, दिल्ली (DEL) आ सकते हैं।

दिल्ली से आप अयोध्या एयरपोर्ट या फिर नजदीकी एयरपोर्ट लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी पहुंच सकते हैं।

लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी एयरपोर्ट से अयोध्या जी कैब, टैक्सी, ट्रेन, बस आदि द्वारा बड़ी आसानी से पहुंचा जा सकता है।

सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अयोध्या धाम (AYJ) के लिए फ्लाइट बुक करने की कोशिश करें।

महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अयोध्या धाम का कोड AYJ है।

चलिए अब जानते हैं कि ट्रेन से Ayodhya Kaise Jaye?

ट्रेन से कैसे जाएं

Ayodhya Kaise Jaye: आप अपने शहर से ‘अयोध्या धाम जंक्शन’ के लिए डायरेक्ट ट्रेन में सीट बुक कर सकते हैं।

अयोध्या धाम जंक्शन का कोड AY है।

यदि आपके शहर से अयोध्या धाम के लिए डायरेक्ट ट्रेन सुविधा मौजूद नहीं है, तो आप लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी के लिए टिकट बुक कर सकते हैं।

अयोध्या के बाद सबसे पहले लखनऊ के लिए टिकट बुक करने की कोशिश करें।

लखनऊ रेलवे स्टेशन का कोड LJN है।

LJN से अयोध्या धाम के लिए दो वंदे भारत सहित कुल 14 ट्रेनें छूटती हैं।

गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन कोड GKP है।

GKP से अयोध्या धाम के लिए एक वंदे भारत एक्सप्रेस शनिवार को छोड़कर बाकी सप्ताह के हर दिन छूटती है।

प्रयागराज रेलवे स्टेशन का कोड PRYJ और PCOI है।

प्रयागराज से अयोध्या धाम के लिए वर्तमान में 4-5 ट्रेनें अलग-अलग दिन छूटती हैं।

इनमें कुछ ट्रेनें प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) और कुछ ट्रेनें प्रयागराजसंगम रेलवे स्टेशन (PYGS) से छूटती हैं।

वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन का कोड BSB है।

BSB से अयोध्या धाम के लिए वर्तमान में 9 ट्रेनें छूटती हैं।

इनमें से 5 ट्रेन सप्ताह के हर दिन छूटती हैं। कुछ साप्ताहिक और कुछ अलग-अलग दिन पर छूटती हैं।

प्लान बनाते समय याद रखें

रोड द्वारा लखनऊ से अयोध्या की दूरी 134.6 किमी है।

गोरखपुर से अयोध्या की दूरी 134.1 किमी है।

प्रयागराज से अयोध्या की दूरी 167.4 किमी है।

वाराणसी से अयोध्या की दूरी 218.8 किमी है।

अगर आप अयोध्या धाम जा रहे हैं और लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज एवं वाराणसी एयरपोर्ट पर लैंड या रेलवे स्टेशन पर उतर रहे हैं, तो इन स्थलों को जरूर देखें।

कब जाएं अयोध्या जी

Ayodhya Kab Jaye: उत्तर प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य है, जहां साल में चारों मौसमों का अनुभव लिया जा सकता है।

अप्रैल से सितंबर के अंत तक यहां प्रचंड गर्मी पड़ती है।

बदन जला देने वाली धूप। पल-पल पर प्यास बढ़ाने वाली गर्मी।

बरसात के समय भी यहां बारिश के साथ-साथ गर्मी की लहर बरकरार रहती है।

जब तक पृथ्वी गीली होती रहती है, तब तक राहत बनी रहती है।

जैसे ही बारिश बंद, गर्मी का कहर शुरू हो जाता है।

अब इसी तरह पूरे जनवरी यानी 1 महीना भीषण सर्दी पड़ती है।

रीढ़ की हड्डी और दांत हिला देने वाली ठंड।

पूरे महीने सूरज नहीं दिखता है। धूप भी कहीं नज़र नहीं आती है।

हर दिशा दिखता है तो बस घना धुंध।

लेकिन हां, अगर आप ठंड का अनोखा अनुभव करना चाहते हैं, तो सर्द के मौसम में एक बार उत्तर प्रदेश जरूर विजिट करें।

तब कब जाएं ?

Ayodhya Kab Jaye: फरवरी से मार्च अंत तक आप उत्तर प्रदेश में गुलाबी मौसम का अनुभव कर सकते हैं।

हल्की सर्दी के बीच मौसम के साथ-साथ मन भी सुहावना हो उठता है।

पर्यटकों के नजरिए से फरवरी से मार्च के बीच का सफर सबसे बेहतरीन माना जाता है।

इसी तरह अक्टूबर से दिसंबर के बीच का मौसम बेहद सुहावना होता है।

अक्टूबर महीने से ठंड शुरू और दिसंबर माह के अंत तक विकराल रूप ले लेती है।

उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होने के कारण मैंने इन मौसमों का बड़े बारीकी से अनुभव किया है।

फरवरी से पूरा मार्च और अक्टूबर से पूरा दिसंबर अयोध्या सहित उत्तर प्रदेश घूमने के लिए सबसे बेस्ट टाइम है।

उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल

अयोध्या धाम से लगभग 100 किमी की दूरी पर स्थित है विजेथुवा महावीरन धाम।

इस पवित्र स्थान का प्रभु श्री राम जी, श्री लक्ष्मण जी और श्री हनुमान जी से गहरा नाता एवं महत्त्व रहा है।

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