पाठ 12 - पीषम पा
एक सुंदर कविता
कविता📖 कविता को पढ़ो
पीषम पा, पीषम पा
नीले आसमान की छा
सफेद तारों की माला
रात भर खिलता ये काला
चाँद उगता है, तारे जगते हैं
रात भर राग सुनाते हैं
पीषम पा, शांति का सुर
दिल को करता है मधुर
📚 शब्दों का अर्थ
पीषम पा: एक संगीतात्मक शब्द जो शांति दर्शाता है
छा: छाया, आवरण
माला: मोती, फूलों का संग्रह
राग: संगीत की धुन
मधुर: मीठा, सुंदर, सुखद
💡 कविता की व्याख्या
यह कविता रात की सुंदरता का वर्णन करती है। कवि ने रात के आसमान, तारों, और चाँद की सुंदरता को दर्शाया है। 'पीषम पा' एक संगीतात्मक शब्द है जो शांति और सुकून की भावना देता है।
कविता यह बताती है कि रात भर तारे जगे रहते हैं और संगीत (राग) सुनाते हैं। यह शांतिपूर्ण और सुखद अनुभूति हमारे दिल को भर देती है।
❓ महत्वपूर्ण प्रश्न
Q: कविता में किन चीज़ों का वर्णन है?
उत्तर: नीले आसमान, तारों, चाँद और रात की सुंदरता का वर्णन है।
Q: तारे क्या करते हैं?
उत्तर: तारे रात भर जगे रहते हैं और संगीत सुनाते हैं।
Q: कविता से हमें क्या सीखना चाहिए?
उत्तर: प्रकृति की सुंदरता को समझना और उसका आनंद लेना।