पाठ 4 - वर्षा रानी
एक सुंदर कविता
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वर्षा की रानी आई है,
बादल की सवारी आई है।
टप-टप की बूंदें गिर रहीं,
धरती को तर कर मिल रहीं।
खेतों मे पानी भर गया,
हर एक पेड़ पर धूम मच गया।
मेंढक टर-टर करते हैं,
पक्षी गीत गाते हैं।
मिट्टी की खुशबू आती है,
वर्षा की बहार लाती है।
हरियाली सर्वत्र छा गई,
मन की खुशी जग गई।
📚 शब्दों का अर्थ
💡 कविता की व्याख्या
यह कविता वर्षा ऋतु की सुंदरता का वर्णन करती है। कवि ने वर्षा को एक रानी के रूप में दर्शाया है जो बादलों की सवारी पर आती है। बारिश की बूंदें धरती को गीली करती हैं और खेतों में पानी भर जाता है। इस समय पक्षी गीत गाते हैं और मेंढक टर-टर की आवाज़ निकालते हैं।
बारिश के बाद मिट्टी एक सुगंध देती है और सब जगह हरियाली छा जाती है। यह सब कुछ प्रकृति की सुंदरता को दर्शाता है और हर किसी का मन खुश कर देता है।
❓ महत्वपूर्ण प्रश्न
Q: वर्षा को किस तरह दर्शाया गया है?
उत्तर: वर्षा को एक रानी के रूप में दर्शाया गया है।
Q: बारिश के समय कौन सी आवाज़ें सुनाई देती हैं?
उत्तर: मेंढक की 'टर-टर' की आवाज़ और पक्षियों का गीत सुनाई देता है।
Q: बारिश से धरती पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: धरती गीली होती है, खेतों में पानी भर जाता है और हरियाली छा जाती है।