Ganesh Utsav 2023: सिर्फ़ त्योहार नहीं, बहार है!

चलिए जानते हैं Ganesh Utsav 2023, Ganesh Sthapana Muhurt 2023, Ganesh Utsav 2023 Start and End Date, Ganesh Pooja 2023, Ganesh Sthapana Vidhi Hindi के बारे में

इस पर्व में गर्व है

Ganesh Pooja 2023: यदि यह कहा जाए कि वर्तमान समय में श्री गणेश उत्सव सिर्फ़ एक त्योहार नहीं, बहार है, तो इसमें कोई गलत नहीं।

सदियों पहले शुरू हुई परंपरा, आज भक्ति की मिसाल बन चुकी है।

यह पर्व भारत के प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है।

भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह पर्व करोड़ों भक्तों की आस्था का महोत्सव है।

क्यों मनाते हैं गणेशोत्सव (Ganesh Utsav 2023)

कहा जाता है कि भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन भगवान श्री गणेश का जन्म हुआ था।

विघ्नहर्ता श्री गणेश को विद्या, बुद्धि, बल और सुख-समृद्धि के साथ-साथ प्रथम पूजनीय देवता के रूप में पूजा जाता है।

गौरी गणेश के जन्म के उपलक्ष्य में हर साल पूरे भारत में गणेश उत्सव बड़े धूमधाम मनाया जाता है।

पूरे 10 दिनों तक चलने वाले इस पर्व को सबसे प्रमुख रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक आदि में मनाया जाता है।

धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश में भी श्री गणपति उत्सव मनाने की प्रथा बड़ी तेजी से फैल रही है।

श्री गणेशोत्सव के दौरान महाराष्ट्र के लगभग हर घर और बड़े-बड़े सार्वजनिक पूजा पंडालों में भगवान श्री गणेश की बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं।

गणपति पूजा के दौरान मुंबई और पुणे की गलियां दुल्हन-सी सजी नज़र आती हैं।

जिस गली या घर में नज़र पड़ती है, सिर्फ़ श्री गणेश का भव्य और दिव्य नज़ारा दिखाई देता है।

जिसे देखकर हर कोई आनंदित हो जाता है।    

गणेश उत्सव के दौरान लोग सारी रात जागरण करते हैं।

गीत, संगीत और नृत्य जैसे अन्य कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।

इस विशेष अवसर पर पूरे महाराष्ट्र में लाखों श्री गणेश की मूर्तियां सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित की जाती हैं।  

गणेश उत्सव 2023 प्रारंभ और समाप्ति तिथि (Ganesh Utsav 2023 Start and End Date)

इस साल श्री गणेश उत्सव (Ganesh Utsav 2023) की शुरुआत 19 सितंबर, 2023 (मंगलवार) को हो रही है।

28 सितंबर, 2023 (गुरुवार) को विसर्जन के साथ भगवान गणपति बप्पा को अंतिम विदाई दी जाएगी।

इस दरमियान पूरे 10 दिनों तक भगवान श्री गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी।

श्री गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त (Ganesh Sthapana Muhurt 2023)   

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल श्री गणेश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त (Ganesh Sthapana Muhurt 2023) सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक है।   

श्री गणेश पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 19 सितंबर की सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 1 बजकर 28 मिनट तक है।

यानी 2 घंटे 27 मिनट के भीतर स्थापना और पूजा आदि करनी चाहिए।

श्री गणेश की मूर्ति कैसे स्थापित करें (Ganesh Sthapana Vidhi Hindi)

  1. शुभ मुहूर्त के अनुसार सबसे पहले भगवान श्री गणेश के लिए बनाए घर/मंडप आदि को गंगाजल से शुद्ध करें।
  2. उसके बाद श्री गजानन के लिए बनाए सिंहासन/चौकी आदि को गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें।
  3. सिंहासन या चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर अक्षत यानी साबुत चावल रखें।
  4. गौरी नंदन गणेश की मूर्ति को चौकी/सिंहासन पर स्थापित करें।
  5. भगवान गणेश की मूर्ति को गंगाजल छिड़ककर स्नान कराएं।
  6. गजानन गणेश की मूर्ति के दोनों तरफ एक-एक सुपारी रखें। इन्हें भगवान की दोनों पत्नियां देवी रिद्धि-सिद्धि के नाम से जाना जाता है
  7. मूर्ति के दाईं तरफ जल से भरा कलश रखें।
  8. हाथ में थोड़ा अक्षत और फूल लें और भावपूर्वक भगवान गणेश का ध्यान करें।
  9. फल, फूल, मोदक या अन्य कोई मिठाई, आदि भगवान श्री विघ्नहर्ता को अर्पित करें।
  10. मूर्ति स्थापित या पूजा करते समय भगवान श्री गणेश के मंत्र ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का लगातार जाप करें।
  11. विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद भगवान गणेश की आरती उतारें।

Ganesh Sthapana Vidhi Hindi: जितने दिन भी गणपति गजानन महाराज आपके घर में रहें, उनका पूरा ख्याल रखें, बिल्कुल परिवार के एक सदस्य की तरह।

घर की रसोई में बनने वाले हर खानपान को खुद ग्रहण करने से पहले सेवा भाव से उन्हें अर्पित करें।

श्री गणेश उत्सव (Ganesh Pooja 2023) से जुड़ी कुछ विशेष बातें जानें मिनटों में: https://gyanmanch.in/web-stories/ganesh-chaturthi-2023-special

नोट: यह ख़बर विभिन्न स्रोतों, ज्‍योतिषी और पौराणिक मान्‍यताओं पर आधारित है। gyanmanch इसकी प्रमाणिकता का पुष्टि/दावा/वादा नहीं करता है।

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