Railway E-Ticket Kya Hai?: रेलवे संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Railway E-Ticket Kya Hai? PNR Kya Hai? Train Mein Mobile Chori Ho Gaya Kya Karun? क्या मैं ओरिजिनल काउंटर टिकट के बिना यात्रा कर सकता हूं? क्या पीएनआर नंबर से ही ट्रेन में सफर कर सकते हैं? क्या रेलवे टिकट की हार्ड कॉपी होना जरूरी है? रेलवे काउंटर टिकट खो गया तो क्या होगा? इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए रेलवे संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।

Railway E-Ticket Kya Hai?

Railway E-Ticket Kya Hai: ई-टिकट का मतलब होता है इलेक्ट्रॉनिक टिकट। अगर यह टिकट आपके मोबाइल में कहीं सेव है, तो यात्रा के दौरान आपको टिकट की प्रिंट आउट की ज़रूरत नहीं पड़ती है।

एक तरीके से यह कागज रहित और ऑनलाइन टिकट है। ई-टिकट को आप ईमेल, वाट्सऐप, फोन आदि में कहीं सुरक्षित कर सकते हैं। बस याद रहे, यात्रा के दौरान अपना ओरिजिनल आईडी प्रूफ ज़रूर साथ रखें।

आईडी प्रूफ के तौर पर आप आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि दिखा सकते हैं। कुल मिलाकर ई-टिकट और वैलिड आईडी प्रूफ के साथ आप ट्रेन में सम्मान से यात्रा कर सकते हैं।

उम्मीद है कि आप समझ गए होंगे कि Railway E-Ticket Kya Hai?

PNR Kya Hai?

पहले यह जानना ज़रूरी है कि PNR का पूरा नाम क्या है?

PNR Kya Hai?: PNR का फुल फॉर्म ‘Passenger Name Record’ होता है। यह 10 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जिसमें यात्री की यात्रा संबंधी सभी जानकारियां मौजूद होती हैं। PNR नंबर सिर्फ़ रिजर्वेशन टिकट बुक करने के बाद प्राप्त होता है।

एक PNR नंबर 1 से 6 यात्रियों के लिए जारी होता है। मतलब एक फॉर्म पर 1  से अधिकतम 6 पैसेंजर की टिकट बुक की जा सकती है।

PNR नंबर में यात्रियों के नाम, उम्र, लिंग, पता, गाड़ी संख्या, यात्रा तिथि, क्लास, कोच नंबर, सीट नंबर, ट्रेन पकड़ने और उतरने वाले स्टेशन का नाम, किराया, टिकट कहां से बुक की गई, आदि जैसी सभी जानकारियां मौजूद होती हैं।

ध्यान दें कि IRCTC की वेबसाइट या एप द्वारा बुक की जाने वाली हर टिकट का विवरण क्रिस (रेल सूचना प्रणाली केंद्र) के डाटाबेस में सुरक्षित रहता है।

क्या पीएनआर नंबर से ही ट्रेन में सफर कर सकते हैं?  

जी हां, ट्रेन में यात्रा करने के लिए पीएनआर नंबर ही काफी है। अगर टिकट कंफर्म है और टिकट की सॉफ्ट कॉपी या हार्ड कॉपी पास नहीं है, तो भी आप यात्रा कर सकते हैं। पर इसके लिए आपको ट्रेन नंबर, कोच नंबर और सीट नंबर पता होना चाहिए।

अगर नहीं पता है, तो आप IRCTC की ऑफिसियल वेबसाइट, आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट एप या टोल फ्री नंबर 139 पर कॉल करके जानकारी ले सकते हैं।

बेहतर होगा कि टिकट बुक करते ही पीएनआर नंबर कहीं ज़रूर लिख लें। या किसी मेल आदि में सेव कर लें। याद रहे, ट्रेन में यात्रा करते समय टीटीई को दिखाने के लिए प्रमाण के तौर पर वैध आईडी प्रूफ ज़रूर साथ रखें।

क्या मैं ओरिजिनल काउंटर टिकट के बिना यात्रा कर सकता हूं?  

जी नहीं, अगर आपने अपनी टिकट रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से बुक की है, तो रेलवे नियम के अनुसार आप ओरिजिनल काउंटर टिकट के बिना यात्रा नहीं कर सकते हैं।

अगर आप ओरिजिनल टिकट के साथ यात्रा नहीं करते हैं, तो बिना टिकट की यात्रा मानी जाएगी। पकड़े जाने पर निर्धारित जुर्माना भरना पड़ता है। बेहतर होगा टिकट संभालकर रखें। यात्रा पर निकलने से पहले ओरिजिनल टिकट की जांच ज़रूर कर लें।

क्या रेलवे टिकट की हार्ड कॉपी होना जरूरी है?

जी हां, ट्रेन में यात्रा करते समय सॉफ्ट कॉपी और वैध आईडी प्रूफ, दोनों ज़रूरी है। जैसे ही आप आईआरसीटीसी से टिकट बुक करते हैं, वैसे ही आपको एसएमएस और ई-मेल द्वारा ई-टिकट प्राप्त हो जाती है।

ई-टिकट को सुरक्षित रख लें। ई-मेल पर आई टिकट को अलग से आईआरसीटीसी नाम का फोल्डर बनाकर सुरक्षित रख सकते हैं। इससे टिकट ढूंढने में आसानी रहती है।

अगर आपने अपनी टिकट IRCTC Website या IRCTC Rail Connect से पर्सनल लॉगइन आईडी द्वारा बुक की है या किसी मित्र से बुक कराई है, तो मैसेज या ई-मेल डिलीट हो जाने पर घबराने की ज़रूरत नहीं।

आपकी ई-टिकट ‘My Bookings’ में सुरक्षित रहती है। आप ट्रेन यात्रा के दौरान या जब ज़रूरत हो देख सकते हैं। अगर आपने टिकट किसी एजेंट से बुक कराई है, फिर तो ज़रूर सुरक्षित रख लें।

क्योंकि पता नहीं वह हर दिन कितनी टिकट बुक करता होगा और उसे खोजने में कठिनाई हो सकती है। क्या ई-टिकट प्रिंट करना जरूरी है? तो इसका जवाब है नहीं। प्रिंटआउट या हार्ड कॉपी की ज़रूरत नहीं है। ई-टिकट की सॉफ्ट कॉपी काफी है।

रेलवे काउंटर टिकट खो गया तो क्या होगा?

अगर आपकी काउंटर टिकट खो गई या नष्ट हो गई, तो भारतीय रेल के नियम के अनुसार आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पर हां, यात्रा शुरू करने से कुछ घंटे पहले आप टिकट चेकर से डुप्लीकेट टिकट बनवा सकते हैं।

बशर्ते इसके लिए आपको रेल द्वारा निर्धारित जुर्माना (शायद 100 रुपए) देना पड़ सकता है। डुप्लीकेट टिकट तभी जारी की जाएगी, जब टिकट खो गई होगी। या बुरी तरह से कट-फट गई होगी।

डुप्लीकेट टिकट सिर्फ़ कंफर्म या आरएसी टिकट के लिए जारी की जाती है। मौजूदा रेलवे नियमों के अनुसार यात्री अपने लिए आरक्षित समझौते के आधार पर यात्रा कर सकते हैं।   

उपरोक्त सभी जानकारी का स्रोत

Train Mein Mobile Chori Ho Gaya Kya Karun?  

चलिए जानते हैं कि ट्रेन में मोबाइल चोरी (Train Mein Mobile Chori) होने पर क्या करें? अगर ट्रेन यात्रा के दौरान आपका मोबाइल चोरी (Mobile Chori) या गुम हो जाए, तो थोड़ा धैर्य से काम लें।

अगर फोन, या कोई अन्य कीमती सामान रेलवे स्टेशन के परिसर या रेलगाड़ी के भीतर चोरी होता है, तो सबसे पहले आप नजदीकी राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) थाने में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराएं।

कम्प्लेन दर्ज कराते समय सिर्फ़ सच्ची घटना ही राजकीय रेलवे पुलिस से बताएं। अगर मोबाइल चोरी (Mobile Chori) हुआ है, तो चोरी की रिपोर्ट, खो/गुम हो गया है, तो खोने/गुम की रिपोर्ट और अगर चलती ट्रेन से गिर गया, तो वही पुलिस से बताएं और सही कम्प्लेन लिखवाएं।

जीआरपी अपनी सर्विलांस टीम की मदद से आपका फोन खोज देती है। इसके अलावा आप ट्विटर पर जाकर रेल मंत्रालय (@RailMinIndia) को ट्वीट कर सकते हैं।

ट्वीट करते समय अपना PNR नंबर, रेलगाड़ी का नाम या चोरी होने वाले स्टेशन का नाम, अपना पूरा और सही नाम तथा फोन नंबर आदि ज़रूर लिखें। ट्वीट करते ही तुरंत कार्रवाई शुरू हो जाती है।

इस बात का ज़रूर ध्यान रहे, अगर आपका Mobile फोन ख़ुद आपसे ट्रेन के नीचे गिरता है या छीन लिया जाता है, तो ऐसे मामले में आप चेन पुलिंग नहीं कर सकते हैं।

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इस आर्टिकल में आपने जाना कि Railway E-Ticket Kya Hai? PNR Kya Hai? रेलवे काउंटर टिकट खो गया आदि।

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