Sanatan Dharma: जब जीवन नहीं था, तब सनातन था!

Sanatan Dharma: चलिए, जानते हैं कि सनातन धर्म कितना पुराना है (Sanatan Dharma Kitna Purana Hai)? सनातन धर्म का अर्थ क्या है (Sanatan Dharma Meaning)? हिंदू धर्म और सनातन धर्म में अंतर क्या है?

जीवन जीने की कला है सनातन। सही राह पर चलने की सीख है सनातन। चार युगों का प्रतीक है सनातन।

ज्ञान, विज्ञान, दर्शन और मोक्ष का मार्ग है सनातन। भारत की संस्कृति का गौरवशाली और अद्वितीय अंग है सनातन।

हर कदम जो सच की राह चलने के लिए प्रेरित करता है, वह है सनातन।

Sanatan Dharma: काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार, अज्ञानता, मुक्ति और मोक्ष का मार्ग है सनातन।

शास्त्रों, पुराणों, वेदों, साहित्यों और इतिहास में जिसकी चर्चा है, वह पौराणिक, रहस्यमयी और अमित विषय है सनातन।

ज्ञान का प्राचीन खजाना है सनातन, जिसमें आध्यात्मिक, धार्मिक, दार्शनिक, वैज्ञानिक और साहित्यिक जैसे अनगिनत पहलू हैं।

आदिकाल से आज तक के विकास और बदलाव का साक्षी है सनातन।

इस लेख के जरिए हम सनातन के गहरे और रहस्यमयी ज्ञान के बारे में चर्चा करेंगे।

सनातन धर्म कितना पुराना है

Sanatan Dharma Kitna Purana Hai: वेदों, पुराणों, ग्रंथों, साहित्यों और इतिहास के पन्ने पलटकर देखने पर पता चलता है कि सनातन यानी हिंदू धर्म दुनिया का सबसे पुराना धर्म है।

गूगल सर्च के दौरान तमाम वेबसाइटों पर मिली जानकारी के अनुसार, हिंदू धर्म धरती का सबसे प्राचीन धर्म है।

इसकी उत्पत्ति मानव की उत्पत्ति से पहले मानी जाती है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हिंदू धर्म 90 हजार वर्ष पुराना है।

हरिवंश पुराण के अनुसार 9057 ईसा पूर्व हिंदू धर्म में सबसे पहले स्वायंभुव मनु का पृथ्वी पर आगमन हुआ था।

कहा जाता है कि भगवान ब्रम्हा ने अपने शरीर को दो भागों में बांटकर मनु नामक पुरुष और शतरूपा नामक स्त्री का निर्माण किया था।

उसके बाद 6673 ईसा पूर्व वैवस्वत मनु का जन्म हुआ था।

5114 ईसा पूर्व भगवान श्री राम ने अयोध्या में जन्म लिया था।

3112 ईसा पूर्व में भगवान श्रीकृष्ण भारतवर्ष में पधारे थे।

हिंदू धर्म के चार युग

Sanatan Dharma Kitna Purana Hai: वेदों में हिंदू धर्म को चार युगों में बांटा गया है।

इसमें पहला था सतयुग। उस काल की आयु लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष थी।

दूसरा था त्रेतायुग। जिसकी आयु तकरीबन 12 लाख 96 हजार वर्ष थी।

इसी काल में भगवान श्री राम पृथ्वी के कल्याण के लिए आए थे।

तीसरा काल था द्वापरयुग, जिसकी उम्र औसतन 8 लाख 64 हजार वर्ष मानी जाती है।

वह युग भगवान श्री कृष्ण का दौर था। पृथ्वी पर ज्ञान की वर्षा करने आए थे।

मानव जाति को प्रेम की परिभाषा देने, विनाश का बुरा अंजाम दिखाने आए थे।

चौथा युग चल रहा है कलयुग, जिसकी समय-सीमा तकरीबन 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई गई है।

माना जाता है कि भगवान श्री विष्णु इस युग के अंत में ‘कल्कि’ रूप में अवतार लेंगे।

जानकारों का मानना है कि कलियुग के 4 लाख 32 हजार मानव वर्ष में से अभी कुछ ही हजार वर्ष बीते हैं।

आधुनिक गणना के अनुसार, कलियुग की शुरुआत 3120 ईसा पूर्व हुई थी।

कहते हैं कि उस समय मंगल, बुध, शुक्र, बृहस्पति और शनि सहित पांच ग्रह मेष राशि पर जीरो डिग्री पर थे।

कलियुग खत्म होने में अभी 426,875 वर्ष शेष है।

मौजूदा चल रहा समय अभी कलियुग का पहला चरण है।

वर्तमान शोध के अनुसार हिंदू धर्म को 12-15 हजार वर्ष पुराना माना गया है।

जबकि ज्ञात रूप से सनातन धर्म को लगभग 24 हजार वर्ष पुराना बताया गया है।

इस लिहाज से भी सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म है।

सनातन धर्म का अर्थ क्या है

Sanatan Dharma Meaning: जो आदि-अनादि काल से चला आ रहा है, वह सनातन है।

सनातन का अर्थ होता है, जिसका न कोई आरंभ है, न कोई अंत है।

सरल शब्दों में इसे अनंत या समय के साथ निरंतर चलने वाला युग कहा जा सकता है।

सनातन यानी मुक्ति के पथ। सनातन निरंतर, अनवरत और अविनाशी है।

जो सदा के लिए सत्य है वह सनातन है। जिसका पृथ्वी से पहले अस्तित्व है वह सनातन है।

जैसे ईश्वर सत्य है। आत्मा सत्य है। जन्म-मरण सत्य है। सूरज, चांद, सितारे सत्य हैं।

भक्ति और मोक्ष सत्य है, वैसे ही सनातन सत्य है।

जो सत्य की राह दिखाता है। नेकी की दिशा पर चलने की प्रेरणा देता है।

जो सर्वधर्म सम्मान की सीख देता है।

इंसान को इंसानियत से जीने की शक्ति देता, वह सनातन है।

और सत्य तो अनादि काल से चला आ रहा है।

जिसका कभी अंत नहीं हो सकता वह सनातन या शाश्वत है।

जिसका न प्रारंभ है और न अंत है। उस सत्य को सनातन कहते हैं।

अच्छी सोच, ईश्वर के प्रति आस्था और विश्वास का नाम है सनातन।

सनातन विश्व का सबसे प्रथम और प्राचीन धर्म है। जिसकी उत्पत्ति मानव उत्पत्ति से पहले हुई है।

अक्सर यह कहा जाता है कि हिंदू धर्म का कोई संस्थापक नहीं है।

यानी इस धर्म की स्थापना किसी व्यक्ति ने नहीं की है। यह खुद से जन्मा, अजन्मा है।

पर धर्म जानकारों का कहना है कि इस धर्म का आरंभ स्वायंभुव मनु के जन्म के साथ हुआ था।

और स्वायंभुव मनु का जन्म 9057 ईसा पूर्व में हुआ था।

उम्मीद करता हूं आपको सनातन धर्म का अर्थ (Sanatan Dharma Meaning) पता चल गया होगा।

हिंदू धर्म और सनातन धर्म में अंतर क्या है?

Sanatan Dharma Meaning: हिंदू धर्म और सनातन धर्म एक ही है। बोलचाल की भाषा में हिंदू धर्म बोल दिया जाता है।

जबकि यह वास्तव में ‘सत्य सनातन धर्म’ है। अक्सर मंदिरों में जयकारा के दौरान सुनने में आता है कि ‘सत्य सनातन धर्म की जय’।

क्या आपने कभी कहीं ऐसा सुना है कि ‘हिंदू धर्म की जय’? नहीं ना?

जो लोग पढ़े-लिखे शिक्षित हैं। वेद-पुराणों का अध्ययन करते हैं।

वे इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि सनातन और हिंदू धर्म में कोई अंतर नहीं है।

सनातन धर्म ही हिंदू धर्म है, जिसे समय के अनुसार अलग नाम दे दिया गया।

इतिहास खंगालकर देखने पर पता चलता है कि सनातन धर्म को मिटाने की बहुत बार कोशिश की गई है।

जब इसमें किसी को कोई सफलता नहीं मिली, तो इसे अलग-अलग नामों में बांटकर कमजोर कर दिया गया।

सनातन धर्म को हिंदू नाम देने वाले कुछ विदेशी थे।

सनातन धर्म का गौरव – यह भी पढ़ें: https://gyanmanch.in/somnath-temple-gujarat/

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