Statue of Unity Gujarat: बड़ी यादों की सौगात!

यह सिर्फ़ आर्टिकल नहीं, Statue of Unity Gujarat का आईना है! लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की दास्तान है। चलिए जानते हैं, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारे में हर जानकारी। सटीक अनुभव के साथ।

सरदार वल्लभभाई पटेल कौन थे?

सबसे पहले, भारत की आन, बान और शान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन!

31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नडियाद में आपका जन्म हुआ था।

आप स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री थे।

आप भारतीय संविधान सभा की मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक, जनजातीय, प्रांतीय संविधान और बहिष्कृत क्षेत्रों की समितियों के प्रमुख थे।

1918 में खेड़ा सत्याग्रह के जरिए राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूती का श्रेय आपको जाता है।

1928 में बारदोली सत्याग्रह के जरिए किसानों को संगठित करने की उपलब्धि आपको मिली है।

बारदोली की महिलाओं ने आपको ‘सरदार’ (प्रमुख/नेता/लीडर) की उपाधि से सम्मानित किया है।

भारतीय रियासतों को भारतीय महासंघ से जोड़कर, आप ‘भारत के लौह पुरुष’ (Iron Man of India) कहलाएं।

भारत गणराज्य के निर्माण के लिए देश की सभी 562 रियासतों को एकजुट आपने किया था।

आपको ‘भारतीय सिविल सेवकों के संरक्षक संत’ (Patron Saint of India’s Civil Servants) की उपाधि प्राप्त है।

आधुनिक अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना आपने की थी।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का ख़िताब और भारत को एकता की डोर में पिरोने का गर्व भी आपको जाता है।

सरदार वल्लभभाई पटेल जी आज़ाद भारत में 15 दिसंबर, 1950 को बॉम्बे (मुंबई ) में आखिरी सांस ली थी।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की याद में समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity Gujarat) भारत की शान है।

इस भव्य और विशाल प्रतिमा का उद्घाटन 31 अक्टूबर, 2018 को प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था।

Statue of Unity Gujarat के बारे में

नर्मदा जिले के केवड़िया में सतपुड़ा और विंध्याचल पर्वत-मालाओं के बीच स्थित है।

इस विशाल प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर (लगभग 600 फीट) है।

इसे दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा मानी जाती है।

इस प्रतिमा को 3,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है।

यह विशाल स्मारक नर्मदा नदी यानी साधु बेट पहाड़ी पर स्थित है, जो 300 मीटर लंबे पुल से जुड़ा है।

पुल के जरिए मुख्य भूमि से मूर्ति तक पहुंचा जाता है।

प्रतिमा दूर तक फैले पर्वतों की खूबसूरती, नर्मदा नदी के बेसिन और भव्य सरदार सरोवर बांध को निहारती है।

Statue of Unity Gujarat के निर्माण की कहानी

प्रोजेक्ट के आउटरीच प्रोग्राम के तहत, सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के लिए लोहे की आवश्यकता थी।

गुजरात सरकार ने देश के किसानों से अपने इस्तेमाल किए गए कृषि उपकरण दान करने की अपील की।

माना जाता है कि महान नेता की विशाल प्रतिमा के निर्माण के लिए लगभग 5000 टन लोहा जमा हो गया।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण और सरदार के इतिहास का विवरण वहां मौजूद है।

प्रतिमा के निर्माण की कहानी इन-हाउस म्यूजियम (आंतरिक संग्रहालय) में देखी और पढ़ी जा सकती है।

‘विविधता में एकता’ राष्ट्र अभिमान का प्रतिबिंब: सरदार वल्लभभाई पटेल

देश के नागरिकों के सामूहिक प्रयास से बनी यह दीवार देश की अखंडता का प्रतीक है। धरती की इस माटी में पनपी प्राचीन संस्कृति से प्रत्येक भारतीय का अटूट संबंध रहा है। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (एकता की प्रतिमा) स्मारक के लिए देशव्यापी अभियान चलाते हुए कोने-कोने से धारा की इस माटी को एकत्रित किया गया है। विभिन्न रंग, आकार, सुगंध और विविधताओं से निर्मित यह प्राचीर (चहारदीवारी), उस विशाल व्यक्तित्व का आधार स्तंभ भी है, जो सदैव संगठित होने के एकमात्र लक्ष्य की याद दिलाता रहेगा।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कैंपस के भीतर, संगमरमर की दीवार पर लगे एक बोर्ड पर सूचना के तौर पर अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती भाषा में उपरोक्त बातों को पढ़ा जा सकता है।   
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gyanmanch के सौजन्य से Statue of Unity Gujarat की तस्वीरसरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित

Statue of Unity Gujarat की सैर

श्रेष्ठ भारत भवन से एसी बस में सवार हसीन वादियों का नज़ारा देखते हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचा जाता है।

श्रेष्ठ भारत भवन से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की दूरी लगभग 3-4 किमी होगी।

इस दरिमयान तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूलों वाले पेड़-पौधे दिल गार्डन कर देते हैं।

सड़क के साथ चलती नर्मदा नदी की धारा पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती है।

हरियाली की चादर ओढ़े ऊंचे-ऊंचे पर्वत, मन में जोश और उत्साह भरते हैं।

5-10 मिनट की यात्रा के बाद, बस स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास बने विशाल बस पार्किंग में रुकती है।

जो कैंपस के बाहर और नर्मदा नदी के किनारे स्थित है

बस से निकलते ही आसपास का सुहावना नज़ारा देखकर, आंखें खुली रह जाती हैं।

जिस तरफ भी नज़र पड़ती है, सिर्फ़ खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है।

Statue of Unity Gujarat कैंपस के अंदर का नज़ारा

चलिए, अब स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कैंपस के अंदर की सैर करते हैं

पर्यटक कैमरा में हसीन वादियों के अद्भुत दृश्य को कैद करते हुए, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कैंपस में दाखिल होते हैं।

सुरक्षा रक्षकों द्वारा टिकट और सुरक्षा चेकिंग के बाद कैंपस में प्रवेश मिल जाता है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के भीतर सबसे पहले सतरंगी फूलों की अदाएं दीवाना बनाती हैं।

पेड़-पौधों की बनावट और स्वच्छता की सजावट दिल चुराती है। यह नज़ारा दूर तक साथ चलता है।

पानी के फव्वारे के पास कुछ सेल्फी लेने के बाद, कदम आगे बढ़ते हैं।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कैंपस में मोबाइल और कैमरा साथ ले जाने की अनुमति है, लेकिन लगेज नहीं। 

Statue of Unity Kahan Hai: सुरक्षा चेकिंग के बाद, सामने 300 मीटर लंबा-चौड़ा पुल पर्यटकों के स्वागत के लिए मौजूद है।

नर्मदा नदी के ऊपर स्थित पुल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंचाता है।

पुल के ऊपर बसी दुनिया, बेहद खूबसूरत है। तरह-तरह के आर्टिफिशियल ग्रीन घास, पेड़-पौधे और फूल हैं।

पुल से नदी के उस पार पहाड़ी पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का बोर्ड पढ़ सकते हैं।

शाम के वक़्त लाइट की चमक-धमक, और नर्मदा के चमकते पानी में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का बोर्ड बहुत अच्छा लगता है।

पुल के दोनों तरफ थोड़ी-थोड़ी दूरी पर ऑटो वॉक या मूविंग वॉकवे की सुविधा है।

पर्यटक इस सुविधा का खूब लाभ उठाते दिखते हैं।

ऊंचाई से सरदार सरोवर बांध का दीदार

कुछ पर्यटक पैदल, कुछ मूविंग वॉकवे पर चलते हुए, नर्मदा नदी के भव्य रूप का दीदार करते हैं।

पुल के बीचों-बीच पहुंचने पर एक ओर सरदार सरोवर बांध, दूसरी ओर नदी के चमकते पानी के साथ भव्य पर्वत-मालाएं दिखती हैं।

पर्यटक चारों ओर के दिव्य नज़ारे का आनंद उठाते हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास पहुंचते हैं।

यहां तक पहुंचते-पहुंचते सैकड़ों से ज़्यादा पिक्चर क्लिक किए जा चुके रहते हैं।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के करीब पहुंचने पर 'लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल' की आलीशान प्रतिमा को ऊपर तक निहारा नहीं जा सकता। 

सिर की टोपी नीचे गिर सकती है। चश्मा उल्टा हो सकता है। गर्दन में मोच आ जाए, तो कोई बड़ी बात नहीं।

182 मीटर की ऊंचाई करीब से देखना मायने रखती है।

400 फीट की ऊंचाई का रोमांच

अब वहां से सरदार वल्लभभाई पटेल के क़दमों तक पहुंचने के लिए लगभग 400 फीट की ऊंचाई तय करनी होती है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तीन फ्लोर वाले भव्य और मजबूत स्तंभ पर स्थित है।

इस दूरी को तय करने के दो विकल्प हैं। पहला सीढ़ी और दूसरा हाई-स्पीड एलिवेटर्स।

पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से हर एलिवेटर के पास सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों की देखभाल के लिए।

दिव्यांगजन अनुकूल सेवाएं और सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

हर फ्लोर पर सीढ़ी और एलिवेटर समाप्त होते हैं।

उसके अगले फ्लोर पर जाने के लिए, उस फ्लोर से फिर सीढ़ी और एलिवेटर की सुविधा शुरू होती है।

इस तरह 400 फीट की ऊंचाई पर चढ़ने के बाद, आप पहुंचते हैं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के दो विशाल और मजबूत पैरों के पास।

उनके पैरों के अंगूठे, औसतन एक इंसान की लंबाई से ज़्यादा बड़े होंगे।

अगर यह कहा जाए कि इंसान उनकी कानी उंगली के बराबर नहीं, तो इसमें कोई गलत नहीं होगा।

सरदार वल्लभभाई पटेल के पैरों को छुआ जा सकता है।

वहीं, पर्यटकों के लिए सेल्फी पॉइंट की सुविधा मौजूद है।

400 फीट की ऊंचाई से नर्मदा नदी का रूप दूर तक बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।

जहां तक नज़र पहुंचती है, सिर्फ़ मनमोहक पहाड़ों की मालाएं दिखती हैं।

जान पड़ता है, जैसे हसीन वादियां गले लगाने के लिए बुला रही हों।

सुकून बांहें फैलाए, जैसे राह तक रही हो।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, प्रकृति का जो अतुल्य रूप दिखता है, उसे न तो शब्दों की माला में पिरोया जा सकता है और न ही किसी कैमरे में कैद किया सकता है। अद्भुत, अकल्पनीय और अविश्वसनीय है वह नज़ारा! इसकी सुंदरता का रस, केवल वहां पहुंचकर लिया जा सकता है।

अनुभव
Statue of Unity Gujarat में क्या-क्या देखें?
  1. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कैंपस में मनमोहक पेड़-पौधे और फूल हैं।
  2. बैठने के लिए समतल चबूतरे हैं। देखने के लिए नदी और पहाड़ हैं। पीने के लिए क्लीन फ्री पानी है।
  3. अपनों के साथ यादगार पल बिताने के लिए शानदार जगह है।
  4. सुकून के लिए नर्मदा नदी का अनदेखा अवतार है।
  5. लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के अनमोल योगदान और सुनहरे इतिहास को जानने के लिए लेजर लाइट एंड साउंड शो है।
  6. दिल की बात कहने के लिए फूलों से सजी बरातें यानी फूलों की घाटी है।
  7. बच्चों को लुभाने के लिए चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क, डायनो ट्रेल और जंगल सफारी हैं।
  8. रोमांच भरे लम्हों के लिए विश्व वन, सरदार सरोवर बांध, नौका विहार, कैक्टस गार्डन और रिवर राफ्टिंग हैं।
  9. परिवार के साथ लंच और डिनर के लिए एकता फूड कोर्ट और अमूल कैफे हैं।
  10. घर और गार्डन को सजाने के लिए एकता नर्सरी और एकता मॉल हैं।

1. नर्मदा नदी

  • नर्मदा भारत की पांचवीं सबसे लंबी नदी है। यह गुजरात और मध्य प्रदेश की जीवन-रेखा है।
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास नर्मदा की सुंदरता और बढ़ जाती है।
  • दोनों ओर हरे-भरे पहाड़ और पौधे, इसके दोनों कानों की बालियां हैं।
  • नदी का पानी पूरी तरह स्वच्छ है। पानी की गहराई में छोटी मछलियों की सैर देखी जा सकती है।            
2. लेजर लाइट एंड साउंड शो
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर खूबसूरत और बेहद शांत शाम के बीच लेजर लाइट एंड साउंड शो का आनंद उठाया जा सकता है।
  • पहाड़ की संगमरमरी गोद में बैठकर, लेजर लाइट एंड साउंड शो की शानदार पेशकश के जरिए, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के इतिहास, जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, एकता और अखंडता से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का निर्माण, आदि को दिलचस्प तरीके से समझा जा सकता है।
  • लेजर लाइट एंड साउंड शो का लुफ़्त, सोमवार को छोड़कर, मंगलवार से रविवार, हर शाम 7:30 बजे से लिया जा सकता है।

3. फूलों की घाटी (Valley of Flowers)

  • 24 एकड़ भूमि में फूलों की घाटी यानी ‘भारत वन’ की मनमोहक सैर की जा सकती है।
  • यह रंग-बिरंगे फूलों वाला स्वर्ग, नर्मदा नदी के किनारे बसा है।
  • 2016 में 48,000 फूलों के पौधों से ‘भारत वन’ को बसाया गया था।
  • आज, फूलों की घाटी में 22,00,000 पौधों का दीदार किया जा सकता है।
  • बेहतरीन पार्क के अलावा, यात्रा यादगार बनाने के लिए कई फोटो बूथ और सेल्फी पॉइंट मौजूद हैं।
  • यह स्थान ‘फूलों के इंद्रधनुष’ जैसा दिखता है। कुछ पर्यटक इसे धरती पर ‘फूलों का इंद्रधनुष’ कहते हैं।
  • ‘भारत वन’ में 300 से अधिक प्रकार के फूल पाए जाते हैं।
  • सजावटी फूलों, पेड़ों, झाड़ियों, जड़ी-बूटियों, लताओं और पर्वतारोही पौधों के सतरंगी पत्तों का हसीन मिलन, क्षेत्र की हरियाली में चार-चांद लगाते हैं।
4. सरदार सरोवर बांध
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बाद सरदार सरोवर बांध पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है।
  • यह भारत का तीसरा सबसे ऊंचा (163 मीटर) कंक्रीट बांध है।
  • बहुउद्देशीय परियोजना के नज़रिए से सरदार सरोवर बांध, देश की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है।
  • यह नर्मदा घाटी विकास परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • इस बांध से 1,450 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है।
  • बिजली की सप्लाई गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र राज्य के जिलों में की जाती है।
  • यह परियोजना लाखों लोगों को जल-जीवन और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराती है।

5 नौका विहार

  • केवड़िया के पंचमुली झील में मशहूर डाइक-3 बोट सवारी का रोमांच उठा सकते हैं।
  • इस बोट को गुजरात स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा चलाया जाता है।
  • यह इको-टूरिज्म एक्टिविटी का हिस्सा है।
  • इस नाव सवारी के साथ प्रकृति के अनदेखे रूप को निहारा जा सकता है।
  • 45 मिनट की रोमांचक सैर कमाल की होती है।
  • एक दिन में केवल 8 राइड्स संचालित की जाती हैं।
  • नौका विहार के साथ, हरे-भरे जंगल, झील, चारों ओर वनस्पतियों और जीवों (Flora and Fauna) का अद्भुत संगम, ट्रिप में जान भरती है।
  • मौजूदा समय में बोटिंग फैसिलिटी पर्यटकों के लिए लोकप्रिय स्थान बन चुकी है।
  • पंचमुली झील की यात्रा, परिवार या दोस्तों के साथ, निश्चित रूप से यादगार यात्रा बन सकती है।
  • यह खूबसूरत झील ‘वन के उपवन’ के बीच में स्थित है। यही सादगी इसे औरों से अलग बनाती है।
  • जब भी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने जाएं, अपनों के साथ पंचमुली झील के सुंदर पानी पर कुछ समय ज़िंदगानी ज़रूर बिताएं।
6. कैक्टस गार्डन
  • कैक्टस गार्डन का आनंद स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के करीब लिया जा सकता है।
  • यह एक अनोखा बॉटनिकल गार्डन (वनस्पति-उद्यान) है।
  • इस कैक्टस उद्यान के जरिए पानी से घिरी भूमि पर डेजर्ट इकोसिस्टम का अनुभव लिया जा सकता है।
  • 25 एकड़ खुली भूमि और 836 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले गुंबद के अंदर 450 प्रजातियों के 6 लाख पौधों को अपनी नज़रों के कैमरा में कैद किया जा सकता है।
7. रिवर राफ्टिंग
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास आप रिवर राफ्टिंग का रोमांच ले सकते हैं।
  • लाखों लोगों की जीवन रेखा नर्मदा, अब साहसिक प्रेमियों के रोमांच की नदी है।
  • यहां आप 4.5 किमी में रिवर राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं।
  • यह गुजरात का पहला रिवर राफ्टिंग है, जिसे 17 अगस्त, 2019 को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री, विजय रुपाणी द्वारा लांच किया गया था।
  • सरदार सरोवर बांध से रेगुलर 600 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण, एकता नगर के खलवानी में यह रिवर राफ्टिंग एक्टिविटी संभव हो पाई है।
  • पर्वतों से घिरा यह रोमांचकारी स्थल, रिवर राफ्टिंग, कैम्पिंग और हाइकिंग के लिए बेस्ट प्लेस माना जाता है।
  • निकटवर्ती शूलपनेश्वर वन्यजीव अभयारण्य, प्रकृति प्रेमियों के लिए अद्भुत खजाना है।

8. एकता नर्सरी

  • एकता नर्सरी की कल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को राष्ट्र को समर्पित करते समय की थी।
  • पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एकता नर्सरी को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास विकसित एकता नर्सरी, पर्यटकों के लिए शैक्षिक सह प्रदर्शन केंद्र (Educational cum Demonstration Centre) है।
  • स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का माध्यम है। एकता नर्सरी में दस लाख पौधे पैदा किए जाते हैं।
  • वहां से पौधा लाकर, आप अपने घर के गार्डन को सजा सकते हैं।
9. चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क
  • चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप बना अनोखा थीम पार्क है।
  • यह पार्क ‘सही पोषण, देश रोशन’ की थीम पर आधारित है।
  • यह बच्चों को स्वस्थ खानपान की आदतों और सही पोषण की विशेषताओं को दर्शाता है।
  • बच्चों को मनोरंजन के साथ सेहत के प्रति जागरूक होना सिखाता है।
  • चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क का निर्माण स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के करीब किया गया है।
  • 600 मीटर लंबे ट्रैक पर दौड़ती ट्रेन बच्चों को अलग-अलग न्यूट्रिशन स्टेशनों की सैर कराती है।
  • यह भारत में अपनी तरह का पहला अनोखा थीम पार्क है।
  • जो दुनिया भर के चिल्ड्रन और पैरेंट्स के लिए प्रमुख आकर्षणों में से एक है।      

10. डायनो ट्रेल

  • नर्मदा घाटी में हाल की खुदाई से पता चला है कि डायनासोर की एक स्थानिक प्रजाति, राजसौरस नर्मडेन्सिस, क्रेटेशियस अवधि (‘के-पीरियड’) के दौरान नर्मदा घाटी में मौजूद थी।
  • के-पीरियड, जुरासिक पीरियड (145 मिलियन वर्ष पूर्व) और पैलियोजीन पीरियड (66 मिलियन वर्ष पूर्व) के बीच फैला था।
  • विशिष्ट सींग वाले इस स्थानिक डायनासोर का प्रतिरूप, पर्यटकों को आकर्षित करता है।
  • प्रतिकृति ओरिजिनल आकार से लगभग तीन गुना ज़्यादा बड़ी है।
  • प्रतिकृति की लंबाई 75 फीट और ऊंचाई 25 फीट है।
  • यह पर्यटकों को ग्रह और मानव जाति के विकास की झलक प्रदान करती है।
  • इस क्षेत्र की प्राचीन वनस्पतियों और जीवों की समृद्धि के बारे में सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने का एक प्रयास है।
11. जंगल सफारी
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर बांध के निकट स्थित जंगल सफारी, बच्चों को खूब आकर्षित करती है।
  • सुरम्य पहाड़ियों पर स्थित इस अत्याधुनिक जूलॉजिकल पार्क में विश्वभर के विभिन्न जैव-भौगोलिक (Biogeographic) क्षेत्रों से देशी-विदेशी जानवरों और पक्षियों के अनूठे कलेक्शन पाए जाते हैं।
  • यह चिड़ियाघर आपको वन्यजीवों के जीवंत मिलन, पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता, यादगार मनोरंजक अनुभवों की एक साहसिक और रोमांचक यात्रा का आनंद प्रदान करता है।

12. विश्व वन (Viswa Van)

  • विश्व वन एक वैश्विक वन (Global Forest) है। प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर।
  • यह वन, सभी 7 महाद्वीपों (Continents) की देशी जड़ी-बूटियों, झाड़ियों और पेड़ों का घर है।
  • इस वन का वैश्विक महत्त्व भी विशेष है।
  • यह वन हमें ‘जैव-विविधता में एकता’ (Unity in Biodiversity) की सीख देता है।
  • विश्व वन में दुनिया के हर महाद्वीप का प्रतिनिधित्व करने वाली वनस्पतियों का विविध संयोजन है।
  • वनस्पति को एक विशेष क्षेत्र के प्राकृतिक जंगल के समान व्यवस्थित किया जाता है।

13. बटरफ्लाय गार्डन

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कैंपस के अंदर, नर्मदा नदी के किनारे बटरफ्लाय गार्डन में रंग-बिरंगी तितलियों को निहारा जा सकता है।
  • इस बटरफ्लाई गार्डन में उड़नतारों की 70 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।
  • यह उद्यान 10 एकड़ क्षेत्र में फैला है। जिसमें 150 प्रजातियों के परागण और लार्वा पौधे मौजूद हैं।
  • बटरफ्लाई गार्डन को तितलियों के अनकूल बनाया गया है। जहां वे अपने हंसते-खेलते परिवार के साथ पल-बढ़ रही हैं।
  • बटरफ्लाई गार्डन में सैकड़ों ऐसे फूलों के पौधे लगाए गए हैं, जो तितलियां को भोजन देते हैं।
  • शानदार तितलियों के मेले करीब से देखने के लिए इस पार्क को ज़रूर देखें।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने के लिए अच्छा समय

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी माना जाता है। इस दरमियान मौसम ठंडा रहता है।

वैसे तो पर्यटक इस अनमोल धरोहर को देखने के लिए साल के बारह महीने जाते हैं।

अप्रैल, मई और जून के समय मौसम काफी गर्म रहता है। धूप में जलन और हवाओं में गरमपन रहता है।

इस लिहाज से अक्टूबर से फरवरी का महीना स्टैच्यू ऑफ यूनिटी – घूमने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

Statue of Unity Gujarat– खुलने और बंद होने का समय

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में प्रवेश (Entry) सुबह 8 बजे शुरू होती है और शाम 6 बजे बंद होती है। मंगलवार से रविवार तक।
  • रखरखाव कार्य (Maintenance Work) के लिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हर सोमवार को बंद रहती है।
शॉपिंग कहां करें?

1. एकता मॉल

  • 35,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला एकता मॉल विविधता में एकता का प्रतीक और भारतीय संस्कृति की पहचान है।
  • इसमें भारत के विभिन्न राज्यों द्वारा खोले गए हथकरघा, हस्तशिल्प और पारंपरिक कपड़ा शोरूम मौजूद हैं।
  • भारतीय हस्तशिल्प के बेहतरीन कलेक्शन को खरीदा जा सकता है।
  • यह भारत के पारंपरिक वस्त्रों और हस्तशिल्प की जीवंतता और विविधता के साथ आरामदायक खरीदारी अनुभव के लिए वन-स्टॉप-शॉप है।
  • 2 मंजिला इमारत वाले मॉल में 20 एम्पोरियम हैं। हर एम्पोरियम, भारत के विशेष राज्य के रूप में प्रतिनिधित्व करता है।
  • हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम की फुटकर बिक्री के लिए एकता मॉल बेहतरीन मंच है।
  • भारतीय ग्रामीण रोजगार और कारीगर समूहों के सामाजिक विकास का अभिन्न अंग है एकता मॉल।

2. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्मारिका दुकान (Statue of Unity Souvenir Shop)

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से आते समय मीठी यादों के साथ खूबसूरत उपहार अपनों के लिए लाना न भूलें।
  • देश के बेजोड़ कारीगरों का सम्मान और हौसला बढ़ाना न भूलें।
  • उन शिल्पकारों की रोजीरोटी और बच्चों का भविष्य, पर्यटकों के ऊपर निर्भर है।
  • आप स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास स्थित स्मारिका दुकान (Souvenir Shop) से टोपी, टी-शर्ट, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की प्रतिकृति, पेन, चाबी चेन और नोट बुक आदि खरीद सकते हैं।
  • खरीदारी का मज़ा केवड़िया के अन्य स्थानों पर भी लिया जा सकता है।
कहां खाएं?

1. एकता फूड कोर्ट

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास एकता फूड कोर्ट है, जो 1617 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है।
  • इस फूड कोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों (International Standards) के अनुरूप बनाया गया है।
  • एकता फूड कोर्ट में 650 लोगों के बैठने की क्षमता है। यहां आप देसी-विदेशी व्यंजन का स्वाद ले सकते हैं।

2. अमूल कैफे:

  • अमूल पार्लर, श्रेष्ठ भारत भवन कैंपस में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बस शटल पार्किंग के पास स्थित है।
  • यहां अमूल उत्पादों के अलावा अन्य खाने-पीने की चीज़ें उपलब्ध हैं।
  • इसके अलावा, श्रेष्ठ भारत भवन कैंपस के बाहर स्ट्रीट फूड वेंडर के स्थानीय स्वाद भी चख सकते हैं।
  • नाश्ते से लेकर भोजन तक, सबकुछ मिल जाता है।
  • स्ट्रीट फूड वेंडर, सीजन अनुसार वाले फल, अनाज, आदि बेचते हैं।

3. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी फूड कोर्ट

  • 8,000 वर्ग फुट क्षेत्र में एक नया फूड कोर्ट बनाया जा रहा है।
  • इस फूड कोर्ट इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड के अनुरूप होगा।
  • 7 रसोई और 650 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।
  • फूड कोर्ट में देसी-विदेशी व्यंजनों का लुत्फ उठाया जा सकेगा
Statue of Unity की टिकट कैसे बुक करें?

टिकट बुक करने के दो ऑप्शन हैं।

1. आप स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

याद रहे:

  • ऑनलाइन टिकट बुक करते समय दिन, तारीख और समय ज़रूर चेक कर लें।
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हर सोमवार को बंद रहती है।

2. आप स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बस पार्किंग यानी श्रेष्ठ भारत भवन कैंपस से टिकट निकाल सकते हैं।

याद रहें:

  • काउंटर टिकट के लिए पेमेंट का एक मात्र ऑप्शन है कार्ड।
  • टिकट खरीदने के लिए डेबिट-क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ऑनलाइन टिकट बुकिंग का रखरखाव सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

Statue of Unity Tickets Price:

150 रुपए प्रति भारतीय व्यस्क और 90 रुपए 3 से 15 साल के भारतीय बच्चों के लिए।

कहां रुकें?

आप पर्वतों, जंगलों और झील के मिलन के बीच ‘नर्मदा टेंट सिटी’ में रह सकते हैं। नर्मदा टेंट सिटी लग्जिरियस नेचर रिसोर्ट है।

आप स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सिटी 1 में भी रह सकते हैं।

ऑनलाइन होटल बुकिंग, लोकेशन, पैकेज, रेट रेंज, आदि, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में होटल संबंधी हर जानकारी यहां पाएं

Statue of Unity Gujarat कैसे पहुंचे?

1. सड़क मार्ग द्वारा

वडोदरा, गुजरात से नेशनल हाइवे पकड़िए। वहां से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, एकता नगर (केवड़िया) सड़क द्वारा वेल कनेक्टेड है।

वडोदरा से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की दूरी लगभग 90-100 किमी है।

एकता नगर (केवड़िया) एक छोटा-सा खूबसूरत शहर है। वहां से वास्तविक स्थल की दूरी लगभग 5 किमी है।

2. प्लेन द्वारा

वडोदरा एयरपोर्ट उतरिए। टैक्सी पकड़िए। 90-100 किमी सड़क सफर कीजिए। श्रेष्ठ भारत भवन, एकता नगर पहुंचिए।  

3. ट्रेन द्वारा

वड़ोदरा जंक्शन आइए, वहां से एकता नगर स्टेशन के लिए ट्रेन पकड़िए। वडोदरा रेलवे स्टेशन मुंबई और दिल्ली से रेललाइन द्वारा वेल कनेक्टेड है।

शताब्दी, राजधानी और वंदे भारत जैसी कई प्रीमियम ट्रेनें वडोदरा रेलवे स्टेशन से गुजरती हैं।

दादर, मुंबई से एकता नगर के लिए डायरेक्ट ट्रेन है।

12927 दादर- एकता नगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, हर रात दादर रेलवे स्टेशन (DDR) से 23:50 बजे छूटती है।

दूसरे दिन सुबह 7:25 बजे एकता नगर रेलवे स्टेशन (EKNR) पहुंचती है।

एकता नगर रेलवे स्टेशन (EKNR) से हर शाम 21:25 बजे 12928 एकता नगर-दादर सुपरफास्ट एक्सप्रेस छूटती है।

दूसरे दिन सुबह 5:30 बजे दादर (DDR) पहुंचती है।

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन (ADI) से एकता नगर के लिए जन शताब्दी एक्सप्रेस (20947) हर सुबह 7:55 बजे रवाना होती है।

यही ट्रेन वडोदरा जंक्शन (BRC) से सुबह 9:16 बजे पकड़ी जा सकती है।

सुबह 10:40 बजे यह ट्रेन एकता नगर रेलवे स्टेशन (EKNR) छोड़ देती है।

वडोदरा से दादर- एकता नगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12927) सुबह 5:43 बजे पकड़ी जा सकती है।

वडोदरा से एकता नगर पहुंचाने में जन शताब्दी एक्सप्रेस 1:24 मिनट का समय लेती है।

दादर- एकता नगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 1:42 मिनट का समय लेती है।   

जन शताब्दी एक्सप्रेस (20950) एकता नगर रेलवे स्टेशन से हर रात 20:20 बजे छूटती है।

1 घंटे 06 मिनट का सफर करते हुए रात 21:26 बजे वड़ोदरा जंक्शन छोड़ते हुए अहमदाबाद चली जाती है।

आप वडोदरा से गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) की बस के जरिए भी एकता नगर पहुंच सकते हैं।

एकता नगर से ट्रेन संबंधी जानकारी के लिए यह भी पढ़ें: https://gyanmanch.in/ekta-nagar-railway-station/

वडोदरा से बस द्वारा

वडोदरा से सरकारी बस द्वारा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (एकता नगर) बड़े आसानी से पहुंचा जा सकता है।

पर याद रहे, सरकारी बसें अपने निर्धारित समय पर छूटती हैं। इसलिए, भीड़ बहुत ज़्यादा होती है।

कभी-कभी भारी या ज़्यादा सामान खोने का ख़तरा बढ़ जाता है।

बस पकड़ने के चक्कर में मैं एक बार सामान से भरे अपने बैग को खो चुका हूं।

भीड़ की वजह से पूरे 100 किमी का सफर बस में खड़े-खड़े करना पड़ सकता है।

रविवार के दिन गलती से भी सरकारी बस न पकड़ें।

बेस्ट ऑप्शन है ट्रेन। किफायती, सुक्षित, तेज और सुविधाजनक।

सेकंड बेस्ट ऑप्शन है ख़ुद की निजी गाड़ी, टूरिस्ट गाड़ी या टैक्सी।

यह सुविधा थोड़ी महंगी, पर सुरक्षित, तेज और टेंशन फ्री है।   

एकता नगर रेलवे स्टेशन से बस या ऑटो द्वारा श्रेष्ठ भारत भवन पहुंचना है।

दूरी लगभग 5 किमी हो सकती है।

श्रेष्ठ भारत भवन क्यों आना जरूरी है   

Statue of Unity Gujarat: खूबसूरत वादियों के बीच बसा श्रेष्ठ भारत भवन, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का मुख्य बिंदु है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने के लिए ऑफलाइन टिकट काउंटर यहां है।

यहीं से एसी वाले बस में बैठकर, पहाड़ियों, फूलों, झरनों, नदी के मनमोहक दृश्य को देखते स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंचा जाता है।

बस सेवा की कीमत टिकट में शामिल रहती है। पर्यटकों के लिए बसों की संख्या पर्याप्त है।

दूसरा विकल्प आप पिंक ऑटो के जरिए जा सकते हैं।

पिंक ऑटो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, जिसे सिर्फ़ महिलाएं ड्राइव करती हैं।

सिर्फ़ पिंक ऑटो वाली महिला ड्राइवर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थल तक जाने का अधिकार है।

कुछ पर्यटक पिंक ऑटो में सवार होकर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की शान देखने पहुंचते हैं।

एसी बस किराया फ्री है। ऑटो किराया हजार रुपए तक हो सकता है। समझदारी बस चुनने में है।

बस के बड़े विंडो के साथ प्रकृति के अद्भुत रूप का नज़ारा देखने का मज़ा कुछ और ही है।

बसें, ऑटो, आदि, सभी श्रेष्ठ भारत भवन से छूटती हैं और यहीं आकर छोड़ती हैं।

श्रेष्ठ भारत भवन से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की दूरी लगभग 3 किमी है।

श्रेष्ठ भारत भवन कैंपस में सुविधाएं (Statue of Unity Gujarat)
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का टिकट बुकिंग काउंटर
  • बस, टैक्सी और ऑटो बोर्डिंग-ड्रापिंग पॉइंट
  • फ्रेश होने के लिए शौचालय
  • लगेज रखने के लिए फ्री लॉकर
  • बैठने के लिए पेड़ों के नीचे बेंच और खुले मैदान
  • खानपान के लिए फूड कोर्ट और पेयजल की सुविधा
  • शानदार होटल
  • श्रेष्ठ भारत भवन से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को आसमान में सिर उठाए देखा जा सकता है।
Statue of Unity Gujarat, स्वच्छता की मिसाल

एकता नगर यानी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के क्षेत्र में दाखिल होते ही धरती पर एक नई दुनिया दिखती है। एक ऐसी जन्नत, जिसके चारों ओर सिर्फ़ हरियाली है। जिस कोने नज़र पड़ेगी, सिर्फ़ स्वच्छता दिखेगी। लंबी, चौड़ी, मखमली सड़कें हैं। गाड़ियों का प्रदूषण कम, हवाओं में शुद्धता ज़्यादा है। शाम के समय कई किमी में बिजली की सजावट से सजी सड़कें, कमाल की लगती हैं। भारत में कोई जगह इतनी खूबसूरत, शांत और रोमांच से भरी हो सकती है, यह मैंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, एकता नगर, गुजरात देखने के बाद जाना। यकीन मानिए, मैंने ज़िंदगी में पहली बार इतना बेहतरीन पर्यटन स्थल देखा था। इन सबमें एकता नगर रेलवे स्टेशन भी आकर्षण का केंद्र है। भव्य, सुंदर, आधुनिक और प्राकृतिक सुंदरता से लैस है। इसके बारे में पूरी जानकारी यहां पढ़िए

आशीष मिश्र
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में याद रखने वाली बातें:
  • धूम्रपान निषेध है
  • शराब पीना मना है
  • पान-गुटखा खाना सख्त मना है
  • पालतू जानवर ले जाने की अनुमति नहीं है
  • हथियारों की मनाही है
  • गंदगी न फैलाने का विशेष अनुरोध है

सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विविधता में एकता का प्रतीक है।

एक भारत, श्रेष्ठ भारत की आन, बान और शान है।

इस विशाल प्रतिमा को जीवन में एक बार ज़रूर देखना चाहिए।

क्योंकि, यह सिर्फ़ एक प्रतिमा नहीं, अखंड भारत का प्रतीक और गौरव है।

ऐसी ही दिलचस्प और रोचक जानकारी के लिए रेगुलर पढ़ते रहिए gyanmanch. क्योंकि ज्ञान नया, मिलेगा यहां!

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यह भी पढ़ें: https://gyanmanch.in/chandrashekhar-azad-ki-kahani/

संदर्भ 1 और 2

4 thoughts on “Statue of Unity Gujarat: बड़ी यादों की सौगात!”

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