Tech News in Hindi: जानकार बनें, साइबर शिकार से बचें

India’s Latest Technology & Tech News 2024 in Hindi: देश-दुनिया में साइबर फ्रॉड के केस लगातार फल-फूल रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग साइबर क्राइम का शिकार हो रहे हैं। ग्लोबल स्टडी (वैश्विक अध्ययन) से पता चलता है कि एआई-संचालित घोटालों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है। दुनियाभर के लोग टेक्स्ट, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले घोटालों की वजह से परेशान हैं।

India’s Latest Technology & Tech News 2024 in Hindi: एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि बड़ी संख्या में लोग स्पैम का शिकार हो रहे हैं। भारत और अमेरिका जैसे देशों में साइबर अपराध के मामले बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसा मानना है कि प्रतिदिन लोगों को ईमेल, टेक्स्ट या सोशल मीडिया के जरिए लगभग 12 फेक मैसेज (फर्जी संदेश) या स्कैम लिंक प्राप्त होते हैं।

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आपको बता दें कि कुछ महीने पहले ऑनलाइन प्रोटेक्शन प्रदान करने वाली ग्लोबल कंपनी McAfee द्वारा अपनी पहली ‘ग्लोबल स्कैम मैसेज स्टडी’ जारी की गई थी। उस सर्वे आधारित अध्ययन (स्टडी) में भारत सहित सात देशों के 7,000 से अधिक वयस्कों को शामिल किया गया था।

उस दौरान सर्वेक्षण के जरिए यह समझने का प्रयास किया गया कि किस तरह स्कैम वाले मैसेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की वजह से बढ़ते साइबर अपराध के कारण दुनियाभर के उपभोक्ता परेशान हैं। McAfee की लेटेस्ट स्कैम मैसेज स्टडी के अनुसार भारत सहित दुनियाभर के लोगों के पास हर दिन तकरीबन 12 फेक मैसेज आते हैं।

क्या बोलती है लेटेस्ट स्टडी? (Tech News in Hindi)

India’s Latest Technology & Tech News 2024 in Hindi: लेटेस्ट रिपोर्ट कहती है कि प्रत्येक इंटरनेट यूजर को हर दिन लगभग 12 फेक मैसेज प्राप्त होते हैं। ये सभी फेक मैसेज स्कैम से जुड़े होते हैं। जिनका काम केवल इंटरनेट यूजर को हर हाल में फांसना और लूटना है।

ग्लोबल कंप्यूटर सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर कंपनी McAfee की लेटेस्ट स्कैम मैसेज स्टडी का कहना है कि स्कैम से संबंधित ये मैसेज उपभोक्ताओं (यूजर) को स्कैमर या हैकर द्वारा इमेल, टेक्स्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भेजे जाते हैं।

McAfee की लेटेस्ट स्टडी में कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर प्रकाश डालते हुए यह कहा गया है कि आज के समय में एआई स्कैमर्स और हैकर्स का फेवरेट टूल बन चुका है। यानी स्कैमर्स इस टूल का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे साइबर अपराध काफी हद तक बढ़ा है।

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एक तरह से यह टूल साइबर क्रिमिनल्स को ज़्यादा से ज़्यादा स्कैम मैसेज भेजने में मदद कर रहा है। इसी तरह फिशिंग और टेक्स्ट मैसेज स्कैम की रफ्तार बड़ी तेजी से बढ़ रही है। स्टडी में यह दावा किया गया है कि आज की डेट में हर 11 सेकंड में एक नई फिशिंग साइट बनाई जा रही है। प्रतिदिन ईमेल, टेक्स्ट और सोशल मीडिया के जरिए लगभग 12 फर्जी मैसेज या स्कैम भेजे जा रहे हैं।

भारत के यूजर की आदत?

India’s Latest Technology & Tech News 2024 in Hindi: लेटेस्ट स्टडी में पता चला है कि एक भारतीय यूजर सप्ताह में औसतन 105 मिनट समीक्षा (रिव्यू), वेरिफिकेशन या यह तय करने में खर्च कर देता है कि टेक्स्ट, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए प्राप्त मैसेज असली है या नकली है।

इस तरह रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ है कि 82% भारतीय ऐसे हैं जिन्होंने फर्जी मैसेज पर क्लिक किया है या साइबर क्रिमिनल्स के झांसे में आए हैं। 49% भारतीय यूजर ने कहा कि अब आने वाले स्कैम मैसेज में टाइपो या किसी तरह की अन्य गलतियां नहीं दिखाई देती हैं। यही वजह है कि हैकर्स को पहचानना और ज़्यादा कठिन हो गया है।

McAfee की मानें तो स्कैम वाले इन मैसेज में सबसे ज़्यादा नकली नौकरी (फेक जॉब) के ऑफर, 64% नोटिफिकेशन और 52% बैंक अलर्ट शामिल हैं। सर्वेक्षण में शामिल लगभग 90% भारतीयों ने बताया कि उन्हें डेली बेसिस पर ईमेल और टेक्स्ट के जरिए नकली मैसेज या स्पैम वाले लिंक प्राप्त होते हैं। यही बात 84% लोग सोशल मीडिया के बारे में कहते हैं।

नई रिपोर्ट का दावा

India’s Latest Technology & Tech News 2024 in Hindi: McAfee स्कैम मैसेज स्टडी 2023 के अनुसार 60% भारतीय रेस्पोंडेंट का यह मानना था कि आज स्कैम वाले मैसेज बड़ी चतुराई के साथ भेजे जा रहे हैं, जिससे सही और गलत मैसेज की पहचान करना कठिन हो गया है।

इसका कारण यह है कि अब हैकर्स अपने शिकार को फंसाने और घोटालों को बेहद विश्वसनीय बनाने के लिए एआई का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं। 49% लोगों ने आप बीती बताते हुए कहा कि आज आने वाले स्पैम मैसेज में किसी तरह के टाइपो या कोई अन्य खामियां नजर नहीं आती हैं।

ये मैसेज देखने में असली, पूरी तरह से विश्वसनीय और व्यक्तिगत लगते हैं। यही वजह है कि आज के दौर में असली और नकली स्पैम मैसेज को पहचानना बिल्कुल कठिन हो गया है।

किस क्षेत्र में कितनी जालसाजी?

India’s Latest Technology & Tech News 2024 in Hindi: साइबर अपराधों के विभिन्न क्षेत्रों पर नजर डालने पर पता चलता है कि देश-दुनिया में ऑनलाइन लूटपाट, धोखाधड़ी और फ्राड आदि के मामले उम्मीद से ज़्यादा बढ़ रहे हैं। आइए प्रतिशत में जानते हैं कि किस फील्ड में कितने स्पैम मैसेज भेजे जाते हैं या धोखाधड़ी किए जाते हैं।

72% ‘आपने इनाम जीता है! 64% फेक जॉब नोटिफिकेशन या ऑफर। 52% बैंक अलर्ट मैसेज। 37% प्राप्तकर्ता द्वारा नहीं की गई खरीदारी के बारे में जानकारी। 29% फेक मिस्ड डिलीवरी या डिलीवरी प्रॉब्लम व नोटिफिकेशन। 27%. अमेज़न सिक्योरिटी अलर्ट या अकाउंट अपडेट से संबंधित नोटिफिकेशन मैसेज आदि।

37% भारतीय सर्वे रेस्पोंडेंट का कहना है कि डिजिटल संचार पर उनका भरोसा कम हो गया है। जैसे-जैसे स्पैम का खतरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों का ऑनलाइन सिक्योरिटी पर से भरोसा उठ रहा है। एआई आधारित घोटालों की बढ़ती संख्या काफी चिंता का विषय बनते जा रहा है। इस क्षेत्र में अभी बहुत अधिक सुधार की आवश्यकता है।

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अधिकांश भारतीयों का कहना था कि उन्हें नहीं पता कि वे अपनी सुरक्षा के लिए सही काम कर रहे हैं या नहीं। आइए ज्ञान के इस अभाव को अलग-अलग तरीकों से समझने की कोशिश करते हैं। स्टडी रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि 28% लोग ऐसे हैं, जो हर तरह के ईमेल को अनदेखा कर देते हैं।

उनका कहना था कि जब कोई उन्हें ईमेल या टेक्स्ट प्राप्त होता है, तो वे उसे इसलिए इग्नोर कर देते हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि वह स्पैम वाले ईमेल या टेक्स्ट हो सकते हैं। इस प्रकार 28% यूजर ऐसे भी हैं, जो इस तरह के मैसेज प्राप्त होने पर सेंडर को तुरंत ब्लॉक कर देते हैं।

31% लोग जहां संदिग्ध घोटाले वाले संदेशों (मैसेज) की रिपोर्ट करते हैं। वहीं ज़्यादातर यूजर किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले यह सोचते हैं कि घोटाले वाले संदेशों से खुद को कैसे बचाएं। इस बात को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि साइबर क्रिमिनल्स यूजर को स्पैम लिंक पर क्लिक करने के लिए लुभाने का पूरा प्रयास करते हैं। फिशिंग ईमेल या नकली साइटों के इस्तेमाल के जरिए शिकार बनाने की कोशिश करते हैं। यह एक तरह का मैलवेयर हमला है।

साइबर क्रिमिनल्स से कैसे बचें?

India’s Latest Technology & Tech News 2024 in Hindi: अगर आपके पास कोई बेहतरीन और शानदार डील या जानकारी प्रदान करने वाले लिंक ईमेल आदि के जरिए प्राप्त होते हैं और उसमें आपको क्लिक करने के लिए कहा जाता है तो तुरंत समझ जाना चाहिए कि यह एक स्पैम मेल है।

वह आपको लूटने और बर्बाद करने के इरादे से भेजा गया लिंक हो सकता है। इसलिए ऐसे किसी ईमेल या टेक्स्ट लिंक को कभी ओपन नहीं करना चाहिए। आजकल लोग मेहनत और कर्ज का पैसा जल्दी लौटाते नहीं, ऐसे में भला कोई किसी को फ्री चीज़ दे सकता है? सोचने वाली बात है।

कई घोटाले इसलिए आसानी से हो जाते हैं, क्योंकि घोटालेबाज झूठ के ऑफर को इतने प्यार से परोसते हैं कि न चाहते हुए भी हम आप उस पर अट्रैक्ट हो जाते हैं। जिसका खामियाजा बुरा होता है। साइबर क्रिमिनल्स इंसान की कमजोर नस को जानते हैं। उन्हें पता है कि किसी व्यक्ति को फंसाने का सबसे आसान तरीका है लालच देना। कभी-कभी फ्री के चक्कर में सबकुछ गंवाना पड़ता है। अपनी मेहनत की जमापूंजी गंवाएं नहीं, बचाएं।

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इसी प्रकार यदि आपको धमकी भरे या अर्जेंट ईमेल या मैसेज आते हैं, तो रिप्लाई करने में जल्दबाजी न करें। खास करके तब, जब वह ईमेल या टेक्स्ट किसी अननोन या अनलाइक्ली सेंडर द्वारा प्राप्त हो। जैसे लोहा लोहे को काटता है। वैसे ही एआई आधारित स्पैम को मात देने के लिए एआई का इस्तेमाल करना चाहिए।

टेक्स्ट मैसेज, सोशल मीडिया और वेब ब्राउज़र पर खुद दिखने वाले खतरनाक लिंक को ब्लॉक कर देना चाहिए। इसके लिए आप McAfee स्कैम प्रोटेक्शन अपना सकते हैं। McAfee टेक्स्ट मैसेज, सोशल मीडिया और वेब ब्राउज़र जैसे सभी प्लेटफॉर्म पर यूजर को स्पैम के खतरे से बचाता है। कंपनी अपने ग्राहकों को सुरक्षित ब्राउज़ के लिए एआई-संचालित तकनीक की सुविधा देती है।

स्कैम मैसेज से खुद को कैसे बचाएं?

India’s Latest Technology & Tech News 2024 in Hindi: लालची, ऑफर, धमकी, लॉटरी, जॉब आदि का लोभ देने वाले टेक्स्ट मैसेज और ईमेल आदि के झांसे में बिल्कुल न पड़ें। इस तरह के मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से पहले आपको एक बार नहीं, सौ बार सोचना चाहिए।

किसी ऐसे लिंक पर कभी क्लिक न करें, जिसमें आपको लिंक क्लिक करने के लिए कहा गया है। साइबर क्रिमिनल्स फिशिंग ईमेल या नकली साइटों के जरिए यूजर को स्पैम लिंक पर क्लिक करने के लिए लुभाते हैं, जिनमें मैलवेयर हो सकते हैं।

यदि आपके पास इस तरह के ईमेल आते हैं, जिसमें किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाए तो उस पर क्लिक कभी न करें। चाहे वह भले ही किसी शानदार डील या कोई उपयोगी जानकारी देने का दावा करता हो। सच्चाई पता लगाने का सबसे आसान और बेहतर तरीका है डायरेक्ट संबंधित कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं या संबंधित अधिकारी से इंटरेक्ट करें।

एंटीवायरस मोबाइल सिक्योरिटी और आइडेंटिफाई मॉनिटरिंग कंपनी McAfee द्वारा साइबर फ्रॉड को लेकर एक ताजा रिपोर्ट नवंबर 2023 को प्रकाशित की गई थी। यह आर्टिकल उसी केस स्टडी पर आधारित है।

जानकर बनें, अपनों को भी जागरूक करें तथा साइबर शिकार से बचें और बचाएं। इस आर्टिकल को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ शेयर करें।

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