Vishwakarma Yojana: लाभ उठाइए, कामयाब बनिए

Vishwakarma Yojana: इस लेख के जरिए जानिए विश्वकर्मा योजना की शुरुआत कब होगी? विश्वकर्मा योजना क्या है? विश्वकर्मा योजना की पात्रता क्या है? कैसे उठाएं विश्वकर्मा योजना का लाभ? विश्वकर्मा योजना के लिए दस्तावेज? कैसे मिलेंगे देश के करोड़ों कारीगरों को 15 हजार रुपए प्रोत्साहन और 1 लाख रुपए तक का आसान ऋण?

विश्वकर्मा योजना की शुरुआत

17 सितंबर, 2023 यानी भगवान विश्वकर्मा की जयंती के पावन अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्वकर्मा योजना (Vishwakarma Yojana) की शुरुआत इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, नई दिल्ली में की गई।

देश के करोड़ों पारंपरिक कारीगरों व शिल्पकारों को आत्मनिर्भरता की सौगात देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा शुरू की जा रही विश्वकर्मा योजना (Vishwakarma Yojana) के तहत पात्र लाभार्थियों को 15 हजार रुपए प्रोत्साहन और व्यवसाय शुरू करने के लिए 1 से 2 लाख रुपए तक का रियायती लोन दिया जाएगा।

शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन आवेदन करने वाले कारीगरों को प्रधानमंत्री द्वारा इस योजना का उपहार दिया जाएगा।

विश्वकर्मा योजना क्या है

इस योजना के तहत नया कारोबार शुरू करने या विस्तार करने वाले पारंपरिक कारीगरों को पहले चरण में 1 लाख रुपए का आसान लोन दिया जाएगा।

दूसरे चरण में श्रमिकों को 2 लाख रुपए तक का रियायती ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना में 18 तरह के कारीगरों व श्रमिकों आदि को शामिल किया गया है।

जिसके तहत 1,200 छोटे पारंपरिक कारोबारियों को स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विश्वकर्मा योजना क्या है: लाभार्थियों को रियायती ब्याज दर पर कोलेटरल फ्री ऋण (कुछ गिरवी रखने की जरूरत नहीं) नया कारोबार शुरू करने या मौजूदा व्यापार को बढ़ाने के उद्देश्य से दिया जाएगा।

भारत सरकार ने देश के कारीगरों को स्वावलंबन के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए विश्वकर्मा योजना (Vishwakarma Yojana) के तहत 5 साल (वित्त वर्ष 24-28) की अवधि के लिए 13,000-15,000 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।

इस बजट के जरिए देश के तमाम जरूरतमंद कारीगरों की मदद की जाएगी।

कारोबार शुरू करने या बढ़ावा देने में सहायता की जाएगी।

कैसे मिलेगी आर्थिक सहायता

विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पहले चरण में एक लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा।

जिस पर अधिकतम ब्याज दर 5% तक हो सकती है।

दूसरे चरण में लाभार्थियों को 2 लाख रुपए का रियायती ऋण दिया जाएगा।

साथ ही ‘विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र व पहचान-पत्र’ से सम्मानित किया जाएगा।

आधुनिक उपकरण खरीदने वाले कारीगरों को 15 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रोत्साहन के रूप दी जाएगी।

यह धनराशि कारीगरों को ई-वाउचर/ईआरयूपीआई/डेबिट कार्ड आदि के जरिए प्राप्त होगी।

हर महीने अधिकतम 100 लेनदेन करने वाले लाभार्थियों को हर ट्रांजेक्शन पर 1 रुपए का प्रोत्साहन अलग से दिया जाएगा।  

कौन उठा सकता है विश्वकर्मा योजना का लाभ?

विश्वकर्मा योजना का लाभ गांवों व शहरों में कारोबार करने वाले सभी पारंपरिक शिल्पकार, कारीगर व इससे जुड़े श्रमिक उठा सकते हैं।

जिनमें – धोबी, बढ़ई, लोहार, कुम्हार, सोनार, राज-मिस्त्री, डलिया, मोची, बुनकर, दर्जी, अस्तकार, माली, नाव व टूल किट बनाने वाले, मरम्मत का काम करने वाले, मूर्ति बनाने वाले, चटाई, झाड़ू, टोकरी, गुड़िया व खिलौने बनाने वाले, मछली का जाल बुनने वाले, ताला-चाबी बनाने वाले आदि शामिल हैं।

विश्वकर्मा योजना की पात्रता

विश्वकर्मा योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए।

योजना का फायदा ‘एक परिवार के केवल एक ही सदस्य’ उठा सकते हैं।

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को स्व-घोषणा पत्र देना अनिवार्य है।

विश्वकर्मा योजना की पात्रताध्यान देने वाली बातें

विश्वकर्मा योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले अंगूठा लगाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है।

शुरुआती चरण में योजना का लाभ ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर दिया जाएगा।

फिलहाल 15 सिंतबर, 2023 तक 18 तरह के व्यापार के पारंपरिक कारीगरों से ऑनलाइन आवेदन भरवाए जा रहे हैं।

इन सभी लाभार्थियों को योजना के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

विश्वकर्मा योजना की विशेषताएं
  • योजना का लाभ लेने के लिए जन सुविधा केंद्रों से ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
  • गांवों और शहरों में व्यापार करने वाले पारंपरिक शिल्पकार/कारीगर/श्रमिक आदि योजना का लाभ ले सकते हैं।
  • पंजीकरण कराने वाले लाभार्थियों को 5 दिन तक व्यापार/रोजगार संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभार्थियों को आधुनिक उपकरण (टूलकिट) खरीदने के लिए 15 हजार रुपए का ई-वाउचर/ईआरयूपीआई/रूपे कार्ड* आदि दिया जाएगा।
  • कारोबार शुरू करने के लिए लाभार्थियों को बिना किसी गारंटी के 5% के न्यूनतम ब्याज दर पर एक लाख रुपए का ऋण दिया जाएगा।
  • बैंक का ऋण समय पर चुकता करने वाले लाभार्थियों को दोबारा 15 दिन का प्रशिक्षण देते हुए, बिना किसी गारंटी के 5% के न्यूनतम ब्याज दर पर दो लाख रुपए का लोन कारोबार बढ़ाने के उद्देश्य से दिया जाएगा।
  • ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले लाभार्थियों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्ववारा की जाएगी।
  • योजना के बेहतर क्रियान्वयन की जिम्मेदारी शहरों में अधिशासी अधिकारियों और गांवों में पंचायत सहायकों को दी गई है।
  • भारत सरकार द्वारा छोटे उद्यमियों की प्रगति की राह आसान बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम में 1,200 छोटे कारोबारियों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

कुछ वेबसाइट ‘विश्वकर्मा योजना’ को ‘पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना’, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’, ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना’ आदि नाम दे रही हैं।

मैंने हर जगह विश्वकर्मा योजना (Vishwakarma Yojana) का इस्तेमाल इसलिए किया है, क्योंकि 15 अगस्त, 2023 को अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विश्वकर्मा योजना’ का ही जिक्र किया है। यहां सुनें

विश्वकर्मा योजना की शुरुआत के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के विश्वकर्मा समुदाय विशेष तौर पर पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा मौका दे रहे हैं।

विश्वकर्मा योजना के लिए दस्तावेज

आधार कार्ड | पैन कार्ड | निवास प्रमाण-पत्र | जाति प्रमाण-पत्र | पहचान पत्र | मोबाइल नंबर | ईमेल आईडी | बैंक अकाउंट | पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो |

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