श्री गणेश चतुर्थी कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्त्व और बहुत कुछ

श्री गणेश चतुर्थी का शुभारंभ 19 सितंबर, मंगलवार को होगा और 28 सितंबर, गुरुवार को विसर्जन के साथ समाप्त होगा।

श्री गणेश चतुर्थी के दिन सबसे पहले सुबह स्नान-ध्यान और पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई करनी चाहिए।

19 सितंबर को पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11:01 बजे से दोपहर 01:26 बजे तक है।

शुभ मुहूर्त के दौरान ईशान कोण (घर की उत्तर-पूर्व दिशा का मध्य स्थान) में स्वच्छ चौकी पर नया वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।

पूजन में लाल कपड़ा, फूल, जनेऊ, गंगाजल, धूप, दीप, कपूर, दूर्वा, कलश, नारियल, पंचामृत, मौली, रोली, फल, सुपारी, लाल चंदन, पंचमेवा, मोदक आदि शामिल करें।

प्रतिदिन सुबह-शाम भगवान गणेश की विधिवत उपासना, पूजा-पाठ और आरती अवश्य करें।

श्री गणेश चतुर्थी पर सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि, बल और बुद्धि की प्राप्ति होती है।

श्री गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी और विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। खासतौर पर इस दिन को भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।